साल के अंत की छुट्टियां मनाने के लिए जयपुर सहित राजस्‍थान के सभी पर्यटक स्‍थलों पर पर्यटकों की जबर्दस्त भीड़ देखी जा रही है। पर्यटकों की इस भीड़ पर नोटबंदी का कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
जयपुर में पिछले दो दिन में 30 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे है और माना जा रहा है कि 31 दिसंबर तक यह आंकड़ा दो लाख तक पहुंच सकता है। जयपुर के जंतर मंतर, आमेर, सिटी पैलेस, अल्बर्ट हाॅल सहित सभी पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखी जा रही है। नोटबंदी और यूरोप की आर्थिक मंदी का असर प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों पर ज्यादा नजर नहीं आ रहा।क्रिसमस की पूर्व संध्या और अगले दिन गुलाबीनगर में 30 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें से करीब 3 हजार विदेशी पर्यटक शामिल हैं और शेष घरेलू पर्यटक हैं जिनमें दक्षिण भारतीय और गुजराती सैलानियों की संख्या ज्यादा है। ट्रेवल एजेंट और ट्यूर ऑपरेटर्स में भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या से उत्साह का माहौल है और पर्यटन उद्योग उम्मीद कर रहा है कि 31 दिसंबर तक शहर में आने वाले पर्यटकों की संख्या दो लाख से ज्यादा हो सकती है। कुछ ऐसे ही हालात उदयपुर, जोधपुर और जैसलमेर में दिख रहे है। सर्दियों में जैसलमेर के रेत के धोरों पर कैमल सफारी करने वालों की भारी भीड़ यहां पहुंच रही हैं। यहां रेत के धोरों में दो हजार से ज्यादा टैंट लगे हुए है और सब फुल है। कारोबार भी ज्यादातर कैशलैस हो रहा है। यही स्थिति उदयपुर में भी दिख रही है और यहां भी भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे है।पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए विमान कम्पनियों ने भी किराया डेढ़ से दोगुना कर दिया है। जयपुर दिल्ली के बीच ढ़ाई हजार रूपए का किराया बढ़कर साढे सात हजार तक पहुंच गया है, क्योंकि सबसे ज्यादा भीड़ इसी रूट पर रहती है। इसके अलावा मुंबई का किराया भी जो तीन से चार हजार तक था, वह बढ़कर सात से 14 हजार तक पहुुंच गया है।

 

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