यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में अब गिनती के दिन रह गए हैं. ऐसे में हर पार्टी प्रदेश में अपनी जीत का दावा कर रही है. बसपा प्रमुख मायावती का भी कहना है कि प्रदेश की जनता का उनके पास पूरा सहयोग है और इस चुनाव में बसपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी. मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी को मुस्लिम और दलितों का पूर्ण सहयोग है.

न्यूज18 इंडिया से खास बातचीत में आगामी चुनाव को लेकर मायावती इस बात को लेकर बेहद आश्वस्त हैं कि उनकी पार्टी को दलित, मुस्लिम और पिछड़े वर्गों के अलावा उच्च जातियों का भी पूरा समर्थन चुनावों में मिलेगा. इसके अलावा सपा में हुए आपसी टकराव का फायदा भी उन्हें मिलेगा और बहुत से यादव वोटों को भी वो हासिल कर सकेंगी.

चुनाव प्रचार पर खोले पत्ते

मायावती ने एक्सक्लूसिव जानकारी देते हुए बताया कि फरवरी से वह अपना यूपी का चुनाव प्रचार शुरू करेंगी. इसके तहत वह ज्यादा से ज्यादा रैलियां करेंगी. लगभग हर जिले में एक रैली जरूर होगी. कुछ जगहों पर दो जिले मिलाकर एक रैली होगी. मायावती ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा बाकी सभी दलों से बहुत पहले ही कर दी थी. अब इन रैलियों के माध्यम से प्रत्याशियों काेे जिताने की अपील करेंगी. पूरे चुनाव प्रचार के दौरान लखनऊ ही उनका बेस रहेगा. वह रोज हेलीकॉप्टर से जिलों में रैलियां करके वापस रात्रि विश्राम के लिए लखनऊ ही लौटेंगी. बीच में कुछ दिन छोड़कर लगभग रोज रैलियों का सिलसिला चलता रहेगा.

मायावती ने बताया कि वह पंजाब विधानसभा चुनाव का प्रचार एक रैली के द्वारा शुरू करेंगी. पंजाब में बसपा के पूर्व में कई विधायक रहे हैं और मायावती इस बार पहले से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जता रही हैं. उनके चुनाव प्रचार में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा सपा के अंदुरुनी कलह व उनकी बीजेपी से मिलीभगत जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहेंगे. उनका मानना था कि सपा की अंदुरुनी कलह सोची समझी रणनीति के तहत एक ड्रामा था. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन सबके पीछे बीजेपी का हाथ है. उन्होंने बोला कि मुलायम सिंह यादव खुद बोल चुके हैं कि अखिलेश यादव के सहयोगी व उनके चाचा रामगोपाल यादव बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मुट्ठी में हैं. उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह व अमर सिंह के बीजेपी से रिश्ते भी जगजाहिर हैं.

मायावती ने कहा कि सपा परिवार में एकता की पहल के बावजूद दोनों गुट चुनाव में एक दूसरे को कमजोर करने की कोशिश करेंगे. ऐसे में मुस्लिम मतदाता अपना वोट सपा को देकर बर्बाद नहीं करेंगे. उनका साफ मानना था कि मुस्लिम मतदाता उसी पार्टी को वोट देंंगे जो एक बड़ा बेस वोट लेकर आए. उनका कहना था कि बसपा के पास एक बड़ा दलित वोट बैंक है और उसमें मुस्लिम व पिछड़ी जातियां भी जुड़ती जा रही हैं.

मायावती ने सपा और कांग्रेस के गठबंधन को खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस यूपी में अपना जनाधार खो बैठी है और सपा की भी हालत अच्छी नहीं है. उन्होंने कहा कि उच्च जातियों का समर्थन भी बसपा को मिलेगा. बीजेपी साम्प्रदायिकता फैलाने की कोशिश में है पर बसपा उससे निपटने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि तमाम सर्वे जो बीजेपी और सपा की बढ़त दिखा रहे हैं उन्हीं के इशारों पर तैयार किए गए हैं.

पिछले दिनों बसपा द्वारा बड़ी धनराशि अपने बैंक खाते में जमा कराने के विवाद पर उन्होंने कहा कि, ये काम उनके लोगों ने साफ दिल से पब्लिक सेक्टर बैंक में जमा किया है. मायावती ने सवाल उठाते हुए कहा कि, अन्य पार्टियाँ जो फण्ड इकट्ठा करती हैं, वो बैंकों में क्यों नहीं जमा करती हैं. मायावती ने बातचीत में अपने पिछले कार्यकालों में बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, एक्सप्रेस-वे व बड़े पावर प्लान्ट स्थापित करने का उल्लेख करते हुए विकास की बात की. उन्होंने कहा कि, बसपा की सरकार बनने के बाद कोई स्मारक व पार्क नहीं बनाए जाएंगे और पूरा ध्यान प्रदेश के चौतरफा विकास पर होगा.

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