जाट आंदोलन की आग में धधक रहे हरियाणा का असर पड़ोसी राज्य हिमाचल पर भी पड़ रहा है। दरअसल पिछले 5 दिनों से सिरमौर के कालाअंब, पांवटा एवं सतौन औद्योगिक क्षेत्र से करीब 950 ट्रकों के पहिए जाम हैं। इससे 15 करोड़ से अधिक की चपत लग चुकी है।


पड़ोसी राज्य में आंदोलन लंबा खिंचा तो सैकड़ों ट्रक ऑपरेटर्स एवं कामगारों को रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। इसके साथ ही अकेले पांवटा ट्रक यूनियन के 300 से अधिक ट्रक 5 दिनों में हरियाणा एवं अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन से मात्र 17 किलोमीटर दूर कालाअंब से हरियाणा राज्य की सीमा शुरू हो जाती है। जिले की 1590 लघु, मध्यम एवं बड़ी औद्योगिक इकाइयों का तैयार एवं कच्चा माल का 80 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा से होते हुए सिरमौर पहुंचता है।


यहां के उद्योगों का तैयार माल पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार आदि राज्यों में जाता है। इन राज्यों में जाने के लिए हरियाणा में उग्र जाट आंदोलन से किसी भी माल की सप्लाई नहीं हो पा रही है।


उद्योगपति से लेकर ट्रक यूनियन की बढ़ी चिंता
बताया जा रहा है कि प्रदेश में उद्योगपति से लेकर ट्रक यूनियन की चिंता बढ़ी है। चैंबर ऑफ कामर्स पांवटा इकाई के अध्यक्ष सतीश गोयल ने कहा कि हरियाणा जाट आंदोलन से औद्योगिक कारोबार प्रभावित हुआ है। बाकी 600 से अधिक ट्रकों के पहिए जाम हैं।

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